आपणी भासा म आप’रो सुवागत

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सोमवार, 12 मार्च 2012

मोडिया लिपि

2 टिप्‍पणियां:

  1. Rajasthan aur Rajasthani ke prati apne lagaav ke chalte main aapke post tak pahuncha. Aap ke Blogs dekh kar man me bahut khusi ho rahee hai. Modia Lipi ke prachar prasar kee sach me hee bahut aawasykta hai. Main vaada karta hu ki is disha main main satat prayas karta rahunga. Aise post ke liye aapko Saadhuwaad.

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  2. आपकी खोज-शैली आपने कहाँ से प्राप्त की इसके साक्ष्य भी कृपया कर के प्रस्तुत करें, साथ ही साथ आप राजस्थान के घरों के पुराने पट्टों पर अंकित भाषा और महाजनी में लिखी हुई शैली का विस्तृत अध्यन करें आपको ज्ञात होगा की ये देव भाषा संस्कृत की पौराणिक शैली का ही अपभ्रंश है परन्तु समय के चलते ये लिपि बन चुकी थी वास्तव में कौन कौन से शब्दों में परिवर्तन हुआ है इसका अध्ययन करें ताकि हमे शुद्ध मोणिका/महाजनी/मोडिया/लोडिया आदि शैलियों का ज्ञान हो पाए
    हर हर महादेव
    -जिज्ञासु "रविराय पुरोहित(सिंधवर्णी)"
    जिला -बीकानेर राजस्थान

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